नीचे अपने लक्षण चुनें और जानें कि कौन सा दोष आपके जीवन में बाधा बन रहा है — साथ ही उसका सटीक समाधान भी।
एक या अधिक लक्षण चुनें
हर काम में अंतिम क्षण में असफलता, बार-बार रुकावटें
घर में लगातार विवाद, शांति न रहना
वंश वृद्धि में बाधा, गर्भधारण में कठिनाई
कमाई तो होती है पर बचत नहीं, अचानक धन हानि
बार-बार बीमार पड़ना, चिकित्सा असर न करना
काम न चलना, बार-बार नौकरी बदलना, व्यापार में घाटा
विवाह में विलम्ब, वैवाहिक सुख न मिलना, तलाक की स्थिति
बिना कारण चिंता, नींद न आना, निराशा
बार-बार चोट लगना, दुर्घटनाएं होना, अप्रिय घटनाएं
कम से कम एक लक्षण चुनें
प्रत्येक दोष का विस्तृत विवरण, लक्षण, कारण एवं ज्योतिषीय समाधान
पूर्वजों की असंतुष्टि से उत्पन्न — वंश में चलने वाला गंभीर दोष जो कुंडली के 9वें भाव से संबंधित है।
जब कुंडली में सभी ग्रह राहु-केतु के बीच आ जाएं — जीवन के हर क्षेत्र में अवरोध उत्पन्न करने वाला दोष।
मंगल दोष, 7वें भाव पर शनि की दृष्टि, व्यालिक दोष — विवाह में बाधा डालने वाले कई ज्योतिषीय कारण।
वास्तुदोष, दशा-अंतर्दशा का प्रभाव, 10वें भाव पर शनि/राहु की दृष्टि — करियर एवं व्यापार में बाधा।
6वें भाव के दोष, राहु-केतु का प्रभाव — बीमारियाँ, मधुमेह, बच्चों की सुरक्षा संबंधी समस्याएं।
भवन की दिशा, स्थापना, निर्माण में त्रुटि — बिना तोड़-फोड़ के वास्तु समाधान संभव है।